अगर आप आज Yooneck की वेबसाइट पर हमारी खूबसूरत साड़ियाँ, सूट सेट्स या किड्स वियर देख रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि यह सिर्फ एक कपड़ों का ब्रैंड नहीं है। यह कहानी है एक पक्के भरोसे की, नौकरी छोड़ने के एक साहसी फैसले की, और दो दोस्तों—शाहरुख (S. Khan) और गुंजन भारती के एक अनोखे सपने की।
आज हम आपके साथ साझा कर रहे हैं कि परदे के पीछे Yooneck की शुरुआत कैसे हुई और कैसे यह ब्रैंड आज आपके वॉर्डरोब का एक खास हिस्सा बन गया।
🤝 जब दो कलीग्स ने देखा एक साझा सपना (2021)
यह कहानी साल 2021 में शुरू होती है। शाहरुख और गुंजन भारती एक ही कॉर्पोरेट रिटेल कंपनी में साथ काम करते थे। दोनों का करियर सेट था, लेकिन उनके दिलों में कुछ नया, कुछ रचनात्मक (creative) और कुछ अपना करने की छटपटाहट थी।
नौकरी के दौरान ही दोनों को यह अहसास हुआ कि आज के दौर में कपड़े तो बहुत बिक रहे हैं, लेकिन ग्राहकों को वह 'पर्सनल टच' और 'कस्टमाइजेशन' नहीं मिल पा रहा है जिसकी उन्हें तलाश होती है। बस फिर क्या था? दोनों ने एक बड़ा रिस्क लिया, अपनी जमी-जमाई कॉर्पोरेट नौकरियां छोड़ीं और फरीदाबाद (हरियाणा) के एक छोटे से कमरे से नींव रखी—Yooneck की।
'Yooneck' नाम असल में "Unique" (अनोखा) का ही एक रूप है, क्योंकि हमारा मानना था कि हर ग्राहक और उनका हर परिधान अपने आप में अनोखा होना चाहिए।
खून में बसी टेक्सटाइल की विरासत
Yooneck की शुरुआत भले ही 2021 में हुई हो, लेकिन इसकी जड़ें दशकों पुरानी हैं। शाहरुख और गुंजन दोनों के ही परिवारों का कपड़ों की दुनिया से बहुत गहरा और पुराना नाता रहा है:
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शाहरुख का बैकग्राउंड: शाहरुख के पिता ने दुनिया के कई बड़े अंतरराष्ट्रीय फैशन ब्रैंड्स के लिए 26 सालों से भी ज्यादा समय तक फैब्रिक सैंपलिंग का काम किया था। उन्हें कपड़ों के धागे और क्वालिटी की परख विरासत में मिली थी। इतना ही नहीं, शाहरुख खुद एक टेक एक्सपर्ट और लेखक रहे हैं, जिन्होंने 'S. Khan' नाम से कंप्यूटर कोर्सेज पर बेस्ट-सेलिंग किताबें भी लिखी हैं Goodreads, जिसने हमारे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया।
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गुंजन भारती का बैकग्राउंड: गुंजन की दिवंगत माताजी ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री में 10 वर्षों से अधिक समय तक फैब्रिक प्रोसेसिंग और डिजाइनिंग का काम किया था। गुंजन के पास रिटेल का लंबा अनुभव तो था ही, साथ ही मां से मिला वह हुनर भी था जो किसी भी साधारण कपड़े को एक खूबसूरत लिबास में बदल देता है।
जब शाहरुख की तकनीकी व व्यावसायिक समझ और गुंजन की अद्भुत डिजाइनिंग व फैब्रिक की समझ एक साथ मिली, तो Yooneck को उसकी असली पहचान मिली।
कस्टमाइज्ड गिफ्टिंग से 'एथनिक फैशन' का ग्लोबल सफर
शुरुआत में Yooneck एक कस्टमाइज्ड और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग वेंचर था। लेकिन जैसे-जैसे लोगों को हमारे कपड़ों की क्वालिटी पसंद आने लगी, शाहरुख और गुंजन ने अपने असली हुनर की तरफ कदम बढ़ाया।
गुंजन ने ट्रेडिशनल इंडियन आर्ट और मॉडर्न विमेन की पसंद को मिलाकर हैंड-ब्लॉक मुलमुल कॉटन साड़ियों, एम्ब्रॉयडर्ड सूट सेट्स और बच्चों के फेस्टिव वियर की डिजाइनिंग शुरू की। शाहरुख ने इसके बैकएंड, ऑपरेशंस और ग्लोबल रीच को संभाला।
नतीजा यह हुआ कि आज Yooneck सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका (USA), कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी भारतीय संस्कृति और कपड़ों की खूबसूरती को सात समंदर पार पहुंचा रहा है।
सिर्फ फैशन नहीं, एक पूरा इकोसिस्टम!
शाहरुख और गुंजन की इस जोड़ी ने Yooneck को सिर्फ कपड़ों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक कम्पलीट फैशन-टेक ब्रांड बना दिया:
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Yooneck Technologies: शाहरुख के टेक बैकग्राउंड की बदौलत हमारी अपनी इन-हाउस टेक आर्म है, जो न सिर्फ Yooneck की वेबसाइट को स्मूथ बनाती है, बल्कि अन्य उभरते हुए बिजनेसेज को भी आईटी और ई-कॉमर्स की बेहतरीन सर्विसेज देती है।
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Masterjee®: ऑनलाइन शॉपिंग के बाद फिटिंग की समस्या को दूर करने के लिए हमने हाल ही में दिल्ली-NCR में Masterjee सर्विस लॉन्च की है, जहां हमारा टेलर खुद आपके घर आकर नाप लेता है और परफेक्ट फिटिंग के कपड़े डिलीवर करता है।
❤️ हमारा वादा आपके साथ
आज जब हम मुड़कर देखते हैं, तो हमें गर्व होता है कि हमने वह नौकरी छोड़ने का फैसला लिया था। शाहरुख और गुंजन का यह साझा सफर आज योनीक के हर एक धागे में दिखाई देता है। हमारा मकसद सिर्फ कपड़े बेचना नहीं है, बल्कि आपके भीतर की "Main Character Energy" को बाहर लाना है ताकि जब आप हमारे कपड़े पहनें, तो खुद को सबसे 'यूनिक' महसूस करें।
Yooneck के इस सफर का हिस्सा बनने के लिए आप सभी का दिल से शुक्रिया!